मेरे 63वें वसंत की दहलीज़ पर एक आत्मावलोकन
आज जब ज़िंदगी के 63वें पड़ाव पर क़दम रख रहा हूँ, तो भीतर एक आत्मीय पुलक है। बीते वर्षों की स्मृतियाँ…
भा गलपुर से गुवाहाटी की यह यात्रा मेरे लिए केवल एक भौगोलिक दूरी तय करना भर नहीं थी, यह इतिहास और पुराकथाओं के गलियारों से गुजरने का अनुभव थी। जब…